वाराणसी, अक्टूबर 1 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। गंगा-वरुणा संगम के तट पर लाटभैरव रामलीला समिति की ओर से आयोजित रावण दहन पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा। 51 फीट ऊंचे रावण के साथ 45-45 फीट के कुंभकर्ण और मेघनाद के इको-फ्रेंडली सामग्री से तैयार पुतले दहन किए जाएंगे। समिति ने इस बार प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। आयोजन स्थल पर अतिथियों को मिट्टी की बोतलों में पानी और आम लोगों के लिए रंगीन मटकों की व्यवस्था की गई है। पुतलों में एक-एक हजार इको-फ्रेंडली बमों का उपयोग किया गया है। रावण के पुतले की आंखों और मुंह से चिंगारियां निकलेंगी। समिति के प्रधानमंत्री एडवोकेट कन्हैयालाल यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य भव्यता के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। पुतलों को बनाने में अंबियामंडी के एक मुस्लिम परिवार की चार पीढ़ियों की मेहनत शामिल है। इश...
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