लखनऊ, फरवरी 20 -- गुर्दे की पथरी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। करीब 10 फीसदी लोगों को अपने जीवनकाल में कभी न कभी गुर्दे की पथरी की समस्या होती है। यह जानकारी केजीएमयू यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अपुल गोयल ने दी। डॉ. अंशुमान ने कहा कि एक बार इलाज के बाद भी लगभग 50 प्रतिशत मरीजों में दोबारा गुर्दे में पथरी की आशंका बन रहती है। लिहाजा इलाज के बाद भी सावधानी बरतें। डॉ. गोयल शुक्रवार को केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग के 114वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुर्दे की पथरी 30 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों में अधिक देखी जाती है। इसका मुख्य लक्षण अचानक और तेज दर्द होना है। जो कमर या पेट के निचले हिस्से में महसूस होता है। समय पर इलाज न होने पर यह गुर्दे को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि दोनों पथरी का इ...