लखनऊ, मार्च 4 -- कैंसर के 50 प्रतिशत मरीजों को दर्द की दवा की जरूरत पड़ती है। दर्द बढ़ने पर मरीजों की दवाओं बदलाव किया जाता है। जब दवाएं फेल हो जाती हैं तो मरीजों को मार्फिन व पैच आदि देने की जरूरत पड़ती है। यह जानकारी एनस्थीसिया विभाग व पेन मैनेजमेंट यूनिट की डॉ. सरिता सिंह ने दी। वह मंगलवार को केजीएमयू रेडियोथेरेपी विभाग में नर्सेस को दर्द निवारक दवाओं के उपयोग की ट्रेनिंग दी गई। डॉ. सरिता सिंह ने कहा कि दर्द में दवाएं बेअसर होने पर वैज्ञानिक रूप से इलाज मुहैया कराया जाता है। इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है तो मरीज के शरीर को कोई नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि मार्फिन का उपयोग काफी सावधानी से करना चाहिए। कैंसर मरीजों में यह कारगर है। मरीज को इस दवा की आदत पड़ सकती है। इसकी मात्रा को नियंत्रण में रखना चाहिए। नसों में जितनी मात्रा में दवा ...
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