मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 10 -- Bihar Election: आजादी के बाद पहले चुनाव में भी पैसे और जातिवाद का जोर था। 1952 के चुनाव में एक तरफ जीप तो दूसरी तरफ बैलगाड़ी और साइकिल से प्रचार होता था। 1951-52 और 57 के चुनाव को लेकर कलम के जादूगर बेनीपुरी की डायरी में ये हाल दर्ज हैं। उनके नाती राजीव रंजन के पास आज भी यह डायरी सुरक्षित है। यह डायरी बाद के दिनों में नहीं, बल्कि उस समय ही बेनीपुरी जी ने लिखी थी, जिसमें तारीख के साथ चुनाव प्रचार से लेकर, पोलिंग और परिणाम से जुड़े हालात दर्ज हैं। इसमें बेनीपुरी जी ने लिखा है कि पहले चुनाव में मैंने पांच हजार नकद और तीस मन चावल खर्च किए हैं। बेनीपुरी जी की डायरी में मतदान को लेकर महिलाओं का हौसला भी दिखता है। पहले चुनाव में कटरा, औराई में महिलाओं ने डेढ़ मील पैदल चलकर मतदान किया था। यही नहीं, 1951-52 के चुनाव में जात...
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