उत्तरकाशी, अगस्त 10 -- उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ के पांच दिन बाद शुक्रवार को प्रभावितों को 'तत्काल राहत' के तौर पर 5,000-5,000 रुपये के चेक दिए गए। विनाश की भयावहता को देखते हुए कई लोगों ने राहत राशि को 'बेहद अपर्याप्त' बताते हुए इसे लेने से इनकार कर दिया। लोगों ने कहा कि यह 'हमारे दुखों का अपमान' है। एक ग्रामीण ने कहा, "हमने अपना सब कुछ खो दिया है, हमारे परिवार, घर, करोड़ों का व्यवसाय। यह रकम अपमान है।" द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लोगों ने बताया कि आपदा के बाद इलाके में बिजली नहीं थी, इसलिए उन्हें मोमबत्तियों के पैकेट बांटे गए, लेकिन वो भी चार दिन बाद उन तक पहुंचे। एक अन्य शख्स ने कहा, "हमने वो रातें अंधेरे में बिताईं। खाना गर्म करने के लिए लकड़ियां जलाईं। सरकार राशन की बात करती है, लेकिन वो भी ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.