नवादा, सितम्बर 23 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। नवादा के तीनों बिस्कोमान में पिछले 45 दिन से यानी 12 अगस्त से खाद नहीं है। इस वजह से जिलेभर में खाद की कालाबाजारी हो रही है। इससे मुनाफाखोरों की चांदी कट रही है। वहीं किसानों की परेशानी बढ़ी हुई है। जहां सरकारी दर पर 266 रुपये प्रति बैग यूरिया, जबकि 1250 रुपये प्रति बैग डीएपी सामान्य रूप से उपलब्ध रहता है। वहीं स्थिति यह है कि इन दिनों बाजार में यूरिया 350 रुपये और डीएपी 15-16 सौ रुपये प्रति बैग बिक रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सोमवार को नालंदा के बेन में रैक लगा, लेकिन बिस्कोमान के लिए कोई आवंटन ही नहीं था। ऐसे में अभी आने वाले दिनों में भी खाद मिलने की कोई उम्मीद नहीं बन रही है। हालांकि खुले बाजार में कालाबाजारी में खाद की बिक्री से उत्पन्न संकट के बावजूद जिला कृषि विभाग द्वारा यह जानकार...