हमीरपुर, मई 3 -- सैय्यद अतहर हमीरपुर, संवााददाता। डीएम-एसपी के बंगला और इससे संबद्ध जिस सरकारी जमीन 58.14 एकड़ को फर्जी अभिलेखों के जरिए हड़पने की तैयारी थी, उस जमीन को 1821 में ब्रिटिश सरकार के कलक्टर ने मेरापुर डांडा के किसानों से 445 फर्रुखाबादी चांदी के सिक्के अदा करके पट्टे पर ली गई थी। जिसमें बंगला, अस्तबल, बाग व अन्य मकान बनवाए गए थे। हमीरपुर के गजेटियर के अनुसार वर्ष 1823 में हमीरपुर को ब्रिटिश सरकार ने स्वतंत्र जिला बना दिया। इसके प्रथम ब्रिटिश शासक मि.एम.एंसले थे। जिले का प्रशासनिक पर्यवेक्षण सेंट्रल बोर्ड के अंतर्गत था जिसका मुख्यालय इलाहाबाद में था। मि. एंसले ने वर्ष 1821 में परगना हमीरपुर जिला नव बुंदेलखंड के राजस्व गांव मेरापुर डांडा के शिवदीन, हीरा, अचल और मान्धाता जो सभी कुर्मी सचान थे, से 65 बीघा 19 बिस्वा जमीन 70 रुपए चांद...
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