सिमडेगा, अप्रैल 30 -- सिमडेगा। शहर से तीन किमी पर स्थित केलाघाघ डैम के बने 40 वर्ष गुजर चुके हैं। लेकिन आज तक एक बार भी डैम की सफाई नहीं की गई। नतीजन डैम में लगभग 20 फीट तक का गाद जम चुकी है। 1985 में बन कर तैयार हुए डैम गर्मी के मौसम में सुखने के कागार पर है। लगभग आधे से ज्यादा हिस्सा सुख चुका है। डैम में पानी की जगह सुखा गाद और कीचड़ नजर आ रहा है। सिमडेगा शहर की लाइफ लाईन समझे जाने वाले केलाघाघ डैम के सफाई के लिए वर्तमान समय पूरी तरह से उपयुक्त है। अभी डैम में पानी भी कम है जिससे सूखे क्षेत्र की सफाई और खुदाई की जा सकती है। इससे डैम के स्टोरेज की क्षमता बढ़ेगी। हरे भरे पहाड़ और हरियाली के बीच में बसे केलाघाघ प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। साथ ही साथ शहर की प्यास भी केलाघाघ डैम से ही बुझती है। लोगों का कहना है कि इस अमूल्य धरोहर का निर...
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