नई दिल्ली, जनवरी 12 -- 40 की उम्र के बाद जिंदगी में सिर्फ साल नहीं बढ़ते, प्राथमिकताएं भी बदल जाती हैं। अब लग्जरी का मतलब महंगे ब्रांड्स, एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट्स या थकाने वाली भागदौड़ नहीं रह जाता। इस पड़ाव पर असली अमीरी वह होती है जो शरीर को सुकून दे, मन को शांत रखे और रोजमर्रा की जिंदगी को सहज बना दे। दर्द-मुक्त सुबहें, स्थिर ऊर्जा, गहरी नींद और मानसिक संतुलन- यही वो रियल लग्जरी हैं, जिनकी अहमियत 40 के बाद सच में समझ आती है। 1. बिना जोड़ों के दर्द के सुबह उठना: सबसे पहली और बड़ी लग्जरी है बिना जोड़ों के दर्द के सुबह उठना। जब शरीर साथ दे और चलने-फिरने में जकड़न ना हो, तो वही सबसे बड़ी राहत बन जाती है। 2. स्थिर मूड और भावनात्मक संतुलन: हर छोटी बात पर चिड़चिड़ापन या ओवररिएक्शन नहीं बल्कि खुद को समझने और संभालने की क्षमता। ऐसी ऊर्जा जो पूरे ...
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