नई दिल्ली, फरवरी 12 -- 40 की उम्र पार करते ही कई महिलाएं शारीरिक, मानसिक और रिलेशनशिप से जुड़े कई बदलाव एक साथ महसूस करने लगती हैं। ऐसा तब ज्यादातर मामलों में होता जब सवाल प्यार को लेकर किए जाते हैं- 'क्या मैं बदल गई हूं?', 'क्या मेरा रिश्ता पहले जैसा नहीं रहा?', 'क्या अब रोमांस का मतलब कुछ और है?'। महिलाओं के खुद से किए जाने वाले इस तरह के सवालों के जवाब में मेनोपॉज कोच और मेनोवेदा की सह-संस्थापक तमन्ना सिंह कहती हैं कि एक अनुभवी हार्मोनल और मेनोपॉज कोच के रूप में मेरा जवाब साफ है- हां, प्यार भी बदलता है और यह बदलाव गलत नहीं, बल्कि जरूरी होता है। आइए जानते हैं आखिर क्या है वजह। यह भी पढ़ें- बियर हग से फोरहेड हग तक...ये हैं दिल में उतरने वाले 7 तरह के हग्स और उनके मतलबजब हार्मोन बदलने पर बदलने लगती हैं उम्मीदें मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं, बल...
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