जयपुर, अक्टूबर 6 -- रविवार की रात जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल का ट्रॉमा सेंटर किसी फिल्मी डरावने दृश्य से कम नहीं था। घड़ी ने रात के 11 बजकर 45 मिनट बताए ही थे कि दूसरी मंज़िल के आईसीयू के पीछे बने छोटे से स्टोर रूम से एक चिंगारी निकली - और देखते ही देखते वह चिंगारी लपटों में बदल गई। मशीनों पर सांस ले रहे लोग अचानक मौत की आगोश में थे। एक चिंगारी, जिसने 8 ज़िंदगियाँ निगल लीं और 125 मरीजों को सड़कों पर ला खड़ा किया। प्रत्यक्षदर्शी प्रकाश की आँखों में उस रात का मंजर अब भी तैरता है। "मैं अपनी बेटी कनक के साथ आईसीयू के पास था। अचानक धुआं उठा, अटेंडेंट्स ने नर्सिंग स्टाफ को बताया, पर उन्होंने कहा - 'कुछ नहीं, मशीन से धुआं आ रहा होगा।' पाँच मिनट भी नहीं हुए कि आग भड़क गई। अलार्म बजा नहीं, बस चीखें गूंज उठीं।" धुएं ने कुछ ही मिनटों में वा...
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