सहारनपुर, नवम्बर 27 -- दहेज का बोझ उठाना नहीं, वर दुल्हन का सम्मान बढ़ाना असली शान है, खजूरवाला के दिग्विजय सिंह ने यही संदेश देकर समाज में मिसाल पेश की। उन्होंने दहेज में मिली 31 लाख रुपये की नगदी ठुकरा कर केवल एक रुपया और नारियल लेकर शादी संपन्न की। उनके इस कदम की चारों ओर तारीफ हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर युवा ऐसा करें, तो बेटियों को दहेज लोभियों के उत्पीड़न से बचाया जा सकता है। दोनों पक्षों की सहमति से करीब छह माह पूर्व दिग्विजय सिंह का रिश्ता प्रमोद राणा की बेटी शिल्पी राणा के साथ तय हुआ था। शादी की तिथि नवंबर माह में निर्धारित थी। शादी के दिन जब दुल्हन पक्ष ने गौरा की रस्म के दौरान उपहार और 31 लाख रुपये की नगदी दी, तो दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि दहेज एक सामाजिक बुराई है और विवाह के लिए केवल दुल्हन ही पर्याप्त है। उन्होंने...