गोरखपुर, मई 29 -- गोरखपुर | मुख्य संवाददाता गोरखपुर विकास प्राधिकरण जहां एक ओर शहर के बाहरी इलाकों में अवैध निर्माण पर सख्ती दिखा रहा है। वहीं, अपने कार्यालय के नजदीक बहुमूल्य संपत्तियों पर अवैध कब्जे की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वसुंधरा एन्क्लेव फेज एक व दो और लोहिया एन्क्लेव में 30 करोड़ रुपये से अधिक लागत से निर्मित 324 यूटिलिटी रूम में से अधिकांश पर अवैध कब्जा हो चुका है। प्राधिकरण की ग्रुप हाउसिंग योजना के तहत बनाए गए इन यूटिलिटी रूम का उद्देश्य मध्यम वर्ग को रियायती दर पर आवास सुविधा देना था। लेकिन अब यही रूम कब्जाधारियों के लिए शराब पार्टी, गैरकानूनी बैठक और निजी उपयोग का केंद्र बन गए हैं। कई कब्जेदारों ने रूम का आंतरिक नवीनीकरण कर इन्हें स्थायी निवास या कार्यालय में तब्दील कर लिया है। 2023 में भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ा था, लेकिन ...
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