मुंगेर, जनवरी 14 -- मुंगेर, एक संवाददाता। मुंगेर विश्वविद्यालय एवं इसके अंगीभूत कॉलेजों में शैक्षणिक व्यवस्था इन दिनों गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। नियमित शिक्षकों की भारी कमी के बीच अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाने से पठन-पाठन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन की लेटलतीफी का सीधा असर छात्रों पर पड़ रहा है, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। ज्ञात हो कि, विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में कार्यरत लगभग 90 अतिथि शिक्षकों का 11 महीने का कार्यकाल पूरा होने के बाद 1 महीने का अनिवार्य ब्रेक भी समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद अब तक उनकी पुनर्नियुक्ति नहीं की गई है। जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अतिथि शिक्षकों को 3 जनवरी तक पुनर्नियुक्ति देने का आश्वासन दिया गया था। तय समय ब...