रांची, नवम्बर 11 -- छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी एक्ट), जिसे 1908 में लागू किया गया था, वह बंगाल काश्तकारी अधिनियम-1885 की तर्ज पर बनाया गया है। सीएनटी एक्ट वास्तव में बंगाल अधिनियम की कार्बन कॉपी ही है। यह भ्रम है कि बंगाल एक्ट-6 1908 के संदर्भ में कई तरह की भ्रांतियां हैं, जबकि सीएनटी एक्ट में केवल अनुसूचित जनजाति के संदर्भ में कुछ विशिष्ट प्रावधान जोड़े गए हैं। छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम में कुल 271 धाराएं हैं। सीएनटी एक्ट को लेकर झारखंड जनजातीय कल्याण व शोध संस्थान (वर्तमान में डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान) द्वारा राज्य गठन के कुछ वर्षों बाद एक विश्लेषणात्मक शोध अध्ययन रिपोर्ट भी तैयार की गई थी। यह रिपोर्ट 108 पन्नों की है, जिसमें सीएनटी एक्ट का इतिहास, अध्ययन की विधि, अध्ययन का क्षेत्र, वर्तमान स्वरूप, जनजात...