रोहित मिश्रा, अक्टूबर 6 -- UP Politics: तकरीबन चार साल पहले सुभासपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर जिस मसले पर पिछली एनडीए सरकार से अलग होकर सपा के साथ चले गए थे, उसी मामले को उन्होंने एक बार फिर हवा दे दी है। वर्ष 2027 में विधान सभा चुनाव होने हैं। ऐसे में ओबीसी आरक्षण में बंटवारे को लेकर राजभर की चिट्ठी को सियासी गलियारों में दबाव की राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि राजभर की चिट्ठी न केवल भाजपा बल्कि अन्य सहयोगी दलों, निषाद पार्टी और अपना दल (एस) को भी असहज कर सकती है। ओबीसी आरक्षण में बंटवारा सुभासपा का अहम मुद्दा रहा है। पार्टी आरोप लगाती रही है कि पिछड़े वर्ग की तमाम जातियां आरक्षण का लाभ पाने से वंचित हैं। लिहाजा उन्हें भी आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में बंटवारा किया जाए। हालांकि, ...
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