लखनऊ, नवम्बर 17 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता डिग्री कॉलेज व विश्वविद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारियों के लिए 15 साल पहले मेडिकल इंश्योरेंस की सुविधा देने का प्रस्ताव तैयार हुआ था, मगर वह अभी तक लागू नहीं हो पाया। 25 हजार शिक्षक-कर्मियों को अभी तक इसका लाभ नहीं मिला। अब कैशलेस उपचार की घोषणा दो महीने पूर्व हुई लेकिन अभी तक प्रस्ताव नहीं तैयार हुआ। वर्ष 2010 में बसपा सरकार में शिक्षकों व कर्मचारियों को मेडिकल इंश्योरेंस की सुविधा देने की घोषणा की गई थी। इंश्योरेंस कंपनी का नाम भी तय हो गया था और 1700 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर तीन लाख रुपये तक मेडिकल इंश्योरेंस की सुविधा देने का प्रस्ताव था। जिसमें शिक्षक के साथ उनकी पत्नी व दो बच्चों को शामिल किया गया था। उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षक संगठनों के साथ बैठक की और कुछ संगठनों ने सुझाव दिया कि अगर सरकार ...