कौशाम्बी, दिसम्बर 5 -- दुराचार के एक मामले में 25 साल बाद अदालत ने शुक्रवार को दोष साबित होने पर अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। लंबे समय बाद इंसाफ मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली है। सैनी कोतवाली में वर्ष 2000 में क्षेत्र के ही एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि उसकी बेटी के साथ वार्ड नंबर दो, सिराथू निवासी सफीक अहमद पुत्र अजीज अहमद ने दुराचार किया है। बेटी को अकेला पाकर उसकी आबरू लूटी गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना की। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण में शुक्रवार को स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसके पहले उभय पक्षों को सुना गया। शासकीय अधिवक्ता ने गवाहों को किया। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया गया। आर...