नई दिल्ली, जनवरी 2 -- बांग्लादेशी हिंदू अपने ही देश में सुरक्षित नहीं है। इसकी गवाही बीते कुछ दिनों में हुई घटनाएं दे रही हैं। बीते 2 हफ्ते में कम से कम 4 युवकों के साथ बेरहमी हुई है, जिनमें से तीन मामलों में भीड़ ने हिंदुओं को निशाना बनाया। वहीं कई हिंदुओं के घरों को आग के हवाले भी कर दिया गया है और मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार इन्हें सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम रही है। इन सब के बीच, भीड़ की बर्बरता का शिकार हुए दीपू चंद्र दास का परिवार शोक में डूबा हुआ है। परिवार सरकार से सवाल पूछ रहा है कि अपने ही देश में आखिर उनके साथ ऐसा क्यों हुआ। गौरतलब है कि मैमनसिंह जिले के भालुका में फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू को 18 दिसंबर को भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। भीड़ ने फैक्ट्री कार्यक्रम के दौरान 27 साल के दास पर एक ईशनि...