आनंद सिंह, जनवरी 26 -- प्रयागराज के संगम की रेती पर सजे माघ मेले में जहां लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं वहीं कुछ संत अपनी कठिन साधना और संकल्पों से उत्सुकता का केंद्र बने हुए हैं। इन्हीं में से एक हैं राजकोट (गुजरात) के राम शरण मौनी बाबा, जिन्होंने पिछले 24 वर्षों से मौन धारण कर रखा है और नंगे पैर रहने का कठोर प्रण लिया है। 48 वर्षीय मौनी बाबा ने 2001 के कुंभ मेले में यह संकल्प लिया था। उनके मौन रहने के पीछे का उद्देश्य है कि मौन रहने से मुख से कभी किसी के लिए अपशब्द या बुरा विचार नहीं निकलेगा। वहीं, बिना चरण पादुका के रहने के पीछे एक भावुक कर देने वाली घटना है। बाबा ने लिखकर बताया कि वे हनुमानजी के परम भक्त हैं। एक बार भूलवश वे जूते पहनकर मंदिर के भीतर चले गए थे। उसी दिन से पश्चाताप और बजरंगबली के प्रति प्रेम स्वरूप उन्होंने...