चाईबासा, जून 28 -- गुवा, संवाददाता। 24 घंटे की बेचैनी और डर के बाद जब नुईया गांव की एक मां ने गुवा थाना परिसर में अपनी बेटी(16) को सकुशल देखा, तो आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। लड़की को एक महिला बेहतर नौकरी का सपना दिखाकर चेन्नई ले जा रही थी, लेकिन थानेदार नीतीश कुमार, डालसा के पीएलभी दिल बहादुर, जेएसएलपीएस जेंडर सीआरपी गीता देवी, बाल अधिकार मंच के पदमा केसरीकी मुस्तैदी ने एक बड़ा अपराध होने से रोक दिया। नाबालिग को रेस्क्यू कर शुक्रवार को गुवा थाना लाया गया और थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने उसे ससम्मान परिजनों को सौंप दिया। मां ने सभी का आभार जताया। नोवामुंडी की महिला का गांव में था आना जाना मां ने बताया कि लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने वाली नोवामुंडी की महिला का नुईया गांव के आस-पास आना जाना था और गांव की एक बहू से उसका संबंध था...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.