रामपुर, जुलाई 26 -- बेशक, 26 साल का एक लंबा वक्त गुजर गया लेकिन, आज भी नौ जुलाई 1999 को याद करो तो रामपुर के उस नौजवान की यादें ताजा हो जाती हैं, जो वतन के लिए कुर्बान हो गया। महज 23 साल का रामपुर का लाल कारगिल युद्ध में दुश्मनों के छक्के छुड़ाते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ था। झमाझम बारिश के बावजूद शहीद की अंतिम यात्रा में शहर से लेकर गांव तक हुजूम उमड़ा था। खुद डीएम और एसपी ने जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर का सफर तय कर देश के इस सपूत के अंतिम दर्शन करने और श्रद्धांजलि देने उसके घर पहुंचे थे। रामपुर जनपद के मिनी पंजाब कही जाने वाले तराई के क्षेत्र बिलासपुर से करीब 10-15 किलोमीटर दूर स्थित नवाबगंज गांव में करनैल सिंह एवं शमशेर कौर के घर चार मई 1976 को एक बच्चे का जन्म हुआ था, परिजनों ने इस बालक का नाम सरदार बलजीत सिंह रखा था। बलजीत 1996 म...