नई दिल्ली, जनवरी 5 -- सीजीएसटी की डिप्टी डायरेक्ट प्रभा भंडारी और उनके करीबियों की गिरफ्तारी के बाद सस्पेंसन भी हो गया है। अब इनकी पुरानी फाइलें भी खोली जा रही हैं और शिकंजा कसा जा रहा है। जांच में सामने आया है कि एक फर्म के 23 करोड़ रुपये के टैक्स बकाया को निपटाने के लिए 1.5 करोड़ में सौदेबाजी हुई थी। फर्म को 23 करोड़ की जगह केवल 50 लाख टैक्स जमा करना था। यानी राजस्व को सीधे 22.5 करोड़ का चूना एक व्यापारी लगाने जा रहा था। सूत्रों की मानें तो कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई करोड़ों की कर चोरी के बाद डिलिंग शुरू हुई। नियम के तहत 50 प्रतिशत जुर्माना व 5 साल के ब्याज के साथ टैक्स वसूला जाना था। इस पर कारोबारी के ऊपर 23 करोड़ रुपए जमा करने का दबाव बनाया गया। इसको लेकर वकील नरेश से संपर्क किया। नरेश ने सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा से बात की। ...
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