संभल, जनवरी 12 -- संभल। इस वर्ष मकर संक्रांति सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ खगोलीय-धार्मिक संयोग बनकर आ रही है। करीब 22 वर्षों बाद मकर संक्रांति के दिन एकादशी तिथि का पावन मेल बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अक्षय फल देने वाला योग माना जा रहा है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का मकर में प्रवेश करना स्वयं में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह देवताओं के दिन की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं, जिसे शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मकर संक्रांति पर एकादशी तिथि का संयोग करीब 22 वर्षों बाद बन रहा है। यह योग व्रत, दान, जप और पुण्य कर्मों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किया...