मंदसौर, जनवरी 11 -- कभी-कभी सरकारी कागजात इंसानों को भी जोड़ देते हैं। मध्यप्रदेश के मंदसौर में ऐसा ही हुआ, जब मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की एक सामान्य-सी प्रक्रिया ने 22 साल पहले टूट चुका रिश्ता फिर से जोड़ दिया। परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने के बाद घर छोड़कर गया बेटा, एक फॉर्म और दो ईपीआईसी नंबरों की वजह से अपनी मां तक वापस पहुंच गया और बिछड़ने की लंबी खामोशी आंसुओं में बदल गई। मामला मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले का है। यहां 22 साल पहले परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने के बाद घर छोड़कर गए एक व्यक्ति का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कारण अपनी मां से पुनर्मिलन हो गया। पुलिस के अनुसार राजस्थान में रह रहे विनोद उर्फ विनोद गैरी ने एसआईआर अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत उससे माता-पिता के निर्...