नई दिल्ली, फरवरी 27 -- आज के वक्त में भी अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका दर्दनाक उदाहरण हाल ही में देखने का मिला है। महाराष्ट्र के अमरावती जिले के चिखलदरा तालुका के सीमोरी गांव में एक 22 दिन के मासूम को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, लेकिन सही इलाज कराने के बजाय उसे गर्म सलाखों से 65 बार दाग दिया गया। मासूम का नन्हा शरीर तड़पता रहा, चीखें गूंजती रहीं, लेकिन अंधविश्वास के अंधे लोगों की आंखें नहीं खुलीं। हालत बिगड़ने के बाद जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। फिलहाल बच्चा अमरावती अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। लोकमत की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार, 25 फरवरी को गंभीर हालत में उसे अमरावती अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे को जन्मजात हृदय...
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