दिल्ली, फरवरी 11 -- नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली ने भारत में मौत की सजा पाने वाले कैदियों पर एक रिपोर्ट जारी की है.रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने लगातार दूसरे साल एक भी कैदी की मौत की सजा की पुष्टि नहीं की.नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के क्रिमिनिल जस्टिस प्रोग्राम प्रोजेक्ट 39ए की रिपोर्ट कहती है कि एनसीआरबी द्वारा प्रकाशित रिकॉर्ड के मुताबिक, 2024 के आखिर तक मौत की सजा पाने वाले 564 कैदी देशभर की जेलों में बंद थे.यह संख्या दो दशकों में सबसे अधिक है.वहीं 31 दिसंबर 2024 तक देश भर की निचली अदालतों में 139 मौत की सजाएं सुनाई गईं."भारत में मृत्युदंड: वार्षिक सांख्यिकी रिपोर्ट 2024" नाम से छपी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 में निचली अदालतों द्वारा सुनाई गई 139 मौत की सजाओं में से 87 (62 प्रतिशत) हत्या के मामलों में और 35 (25 प्रतिशत...
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