सहारनपुर, नवम्बर 18 -- 2014 में हुए धार्मिक स्थल के विवाद के दौरान दंगे से जुड़े मामले में मंगलवार को तत्कालीन जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने अदालत में बयान दर्ज कराए। उन्होंने बताया कि उस समय घटना स्थल पर भारी भीड़ जमा थी और आरोपी हाथ में तमंचा लेकर भीड़ का नेतृत्व कर रहा था। उन्होंने अदालत को बताया कि भीड़ के पास हथियार थे और स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी। प्रशासनिक टीम के मौजूद होने के बावजूद वहां पर भारी भीड़ के पास हथियार थे। उन्होंने बताया कि 'गोली लग गई है' की आवाज सुनाई दी थी और जब देखा कि कांस्टेबल सेंसर पाल के कंधें पर गोली लगी थी। तत्कलीन डीएम ने बताया कि भीड़ को समझाने का काफी प्रयास किया गया। लेकिन भीड़ किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। इसके बाद बचाव पक्ष के वकील ने भी बहस की।

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