मथुरा, जनवरी 9 -- शिक्षक पात्रता परीक्षा से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय की निर्णय को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिलकर राहत की मांग की। 1 सितंबर 2025 के न्यायालय के द्वारा दिए गए फैसले के संदर्भ में ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट देने की मांग की। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता ने कहा कि एनसीटीई की अधिसूचना में स्पष्ट है कि एक से आठवीं तक के शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता अधिसूचना की तिथि से प्रभावी होगी, इसमें पूर्व शिक्षकों की टेट से छूट रहेगी । शिक्षक नेता डॉ. कमल कौशिक ने कहा कि नियुक्त तिथि की परवाह किए बिना सभी सेवारत शिक्षकों पर टेट थोप दिया गया है। यदि इस निर्णय को पूर्व व्यापी लागू किया गया तो इसे लाखों शिक्षकों क...