नई दिल्ली, फरवरी 4 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। हाईकोर्ट ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून लागू होने के 20 साल बाद भी अपने विधायी रिकॉर्ड, सदन की कार्यवाही और प्रस्तावों की जानकारी सार्वजनिक न करने पर नगर निगम को फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि आरटीआई कानून की धारा 4 के तहत सार्वजनिक प्राधिकरणों की यह जिम्मेदारी है कि वे ऐसी जानकारी खुद ही सार्वजनिक करें, ताकि लोगों को बार-बार आरटीआई का सहारा नहीं लेना पड़े। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो एनजीओ सेंटर फॉर यूथ कल्चर, लॉ एवं एनवायरनमेंट ने दायर की है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि एमसीडी अपनी विधायी रिकॉर्ड, सदन की कार्यवाही, स्थायी समितियों के प्रस्ताव और अन्य सार्वजनिक जानकारियां तय समयसीमा में अपनी व...