जामताड़ा, जून 9 -- 2 किलोमीटर की दूरी से पानी लाने को मजबूर है सिमुलकोंदा के ग्रामीण कुंडहित प्रतिनिधि। एक और सरकार घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए हर घर नल से जल योजना चल रही है। इसके बाद भी कुंडहित प्रखंड के बंगाल सीमावर्ती सिमुलकोंदा गांव के ग्रामीण आज भी 2 किलोमीटर दूर से पानी ढोने को मजबूर है। गांव में जब जल जीवन मिशन के तहत हर-हर नल से जल योजना के तहत जल विभाग न बनना शुरू हुआ था तो गांव वालों को लगा था कि अब पेयजल का संकट दूर हो जाएगा। लेकिन संवेदक द्वारा आधा अधूरा काम करके छोड़ दिया गया है। जिससे ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वही गांव में 6 चापाकल है जिसमें से पांच चापाकल खराब है। बचा एक चापाकल ग्रामीणों की पेयजल की जरूरत को पूरा करने में सक्षम नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों द्वारा अधूरे जलमीनार को पूरा करने तथा खरा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.