सिमडेगा, नवम्बर 6 -- सिमडेगा धर्म के साथ साथ शिक्षा के प्रति भी ब्रहालीन रामरेखा बाबा गंभीर रहते थे। जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त अशिक्षा को दूर कर लोगों में व्याप्त अंधविश्वास को दूर कर उनके द्वारा सबसे पहले 1963 में पालेडीह में लोगों को शिक्षित करने जीवन स्तर को सुधारने के लिये बाबा ने विदयालय की स्थापना की। इसके बाद 1964 में मासेकेरा में दुसरा और 1965 में रामरेखा में बाबा के द्वारा तीसरा स्कूल खोला गया। रामरेखा बाबा के प्रयास से ही टैसरा में 1968 को एक उच्च विद्यालय की स्थापना की गई। बाबा के आदेश एवं प्रयास से क्षेत्र में कई जगहों पर रात्रि पाठशाला आरंभ किया गया। बाबा के प्रयास से वनवासी क्षेत्र में शिक्षा का प्रसार होने लगा, लोग शिक्षित होने लगे। रामरेखा बाबा ने क्षेत्र में फैले अंधविश्वाा को भी दूर करने का प्रयास किया।...
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