नई दिल्ली, नवम्बर 18 -- Margashirsha Amavasya 2025 Time: हर महीने में एक बार अमावस्या तिथि आती है। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का खास महत्व है। अमावस्या पर दान करना जरूरी व पुण्यदायक माना गया है। इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में साधक गंगा समेत पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाते हैं। इसके बाद गंगाजल से देवों के देव महादेव का अभिषेक करते हैं और भक्ति भाव से पूजा करते हैं। इसके साथ ही पितरों का श्राद्ध, तर्पण एवं पिंडदान किया जाता है। गरूर पुराण में निहित है कि अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं पितरों की कृपा बरसती है। आइए जानते हैं मार्गशीर्ष अमावस्या पर मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय-19 या 20 नवंबर कब है मार्गशीर्ष अमावस्या वैदिक पंचांग के अनुसार, 20 नवंबर को गुरुवार के दिन मार्गशीर्ष अमावस्...