जमशेदपुर, जनवरी 24 -- स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखण्ड सरकार के जांच आदेश प्राप्त होने के 38 दिन के बाद भी डीईओ पूर्वी सिंहभूम 18 टीजीटी शिक्षकों के कथित अवैध बहाली पर जवाब नहीं दे पाए हैं। पारडीह निवासी कार्त्तिक चन्द्र साव के द्वारा इसे लेकर सवाल उठाए गए हैं। साव ने कहा किप्रतिवेदन ( जवाब ) देना सामान्य सी बात है। इसे सम्बंधित सभी साक्ष्य विभाग में उपलब्ध है। इस प्रकार की मानसिकता के कारण गैर कानूनी रूप से वेतन के रूप से शिक्षकों में भुगतान कर सरकारी राजस्व राशि के बंदर बांट कर अवैध शिक्षकों को संरक्षण दिया जा रहा है। कहा है कि अप्रैल 2017 के पूर्व इन सभी 18 टीजीटी शिक्षकों का बीएड प्रशिक्षण पूर्ण नहीं था, फिर भी इनकी नियुक्ति हुई। इसे लेकर संबंधित प्रतिलिपि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखण्ड सरकार को , क्षेत्रीय शिक्षा सं...
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