एटा, नवम्बर 17 -- शहर में वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर रहा है। प्रदूषण के कारण आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत जैसी शिकायतें आम हो गई हैं, जो शहर के लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। सोमवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) चिंताजनक स्तर पर 158 से 160 पहुंच गया। इसका प्रमुख कारण शहर के मार्गों पर धूल के कणों का अधिक होना बताया जा रहा है। लापरवाही के साथ चल रही निर्माण गतिविधियों, खराब सड़कों और बढ़ते वाहनों के आवागमन से उड़ने वाली धूल हवा में मिलकर पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) का स्तर बढ़ा रही है। यह महीन कण सांस द्वारा फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश कर रहे हैं। इससे श्वसन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही है। इसके अलावा वाहनों से निकलने वाला धुआं, और पराली/कूड़ा जलाने जैसी ग...