लखीसराय, जुलाई 18 -- चानन, निज संवाददाता। आदिवासी महिलाओं के उत्थान को लेकर विोष केन्द्रीय सहायता योजना मद से पहाड़ी इलाके में करीब 16 लाख की लागत से चार साल पहले पत्तल कुटीर उद्योग को लेकर वर्क शेड के साथ ही कमरा का निर्माण कराया गया है। लेकिन कुटीर उद्योग के लिए अब तक मशीन नहीं लगाया गया है। जिस वजह से लाखों का भवन यूं ही धूल फांक रहा है। गोबरदाहा कोड़ासी के कजरू कोड़ा, कृष्णदेव कोड़ा, सकुना देवी, सुनीता देवी, सविया देवी, अनिता हेम्ब्रम, शील देवी, मनीसा देवी, देना देवी, शमरी देवी आदि ने बताया कि संवेदक द्वारा चार साल पहले वर्क शेड के साथ कमरा, शौचालय एवं पानी टंकी लगाया गया। लेकिन डीप बोरिंग नहीं किया गया। अधिकारी को इसकी भनक नहीं लगे, इसलिए जहां बोरिंग किया गया, वहां दिवाल देकर ढ़क दिया गया है। गोवारदाहा कोड़ासी के अलावा जगुआजोर, कछुआ में भी...
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