बीड, फरवरी 21 -- बाल विवाह और घरेलू हिंसा के भयावह अनुभवों से उबरकर महाराष्ट्र के बीड जिले की 15 वर्षीय लड़की ने कक्षा 10 की परीक्षा में शामिल होकर जीवन में एक नया अध्याय शुरू किया। पुलिस की पूरी सुरक्षा में छात्रा ने शुक्रवार को मराठी विषय की परीक्षा दी। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि नाबालिग लड़की की शादी उसके अभिभावकों ने दिसंबर 2025 में, उसकी मर्जी के खिलाफ पुणे में रहने वाले एक रिश्तेदार से जबरन करा दी। उसने बताया कि शादी के बाद उसका पति उसे पुणे ले जाकर बस गया और यहीं से उसके जीवन के सबसे काले अध्याय की शुरुआत हुई। उन्होंने बताया कि लड़की अपने पति द्वारा गंभीर शारीरिक शोषण और ससुराल वालों द्वारा लगातार मौखिक उत्पीड़न का शिकार थी। हालांकि, दबाव में टूटने के बजाय, उस लड़की ने अन्याय के खिलाफ लड़ने का फैसला किया। यातनाओं से परेशान ह...