अलीगढ़, जनवरी 16 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। 1880 में अश्व प्रदर्शनी के रूप में शुरू हुई 145 वर्ष पुरानी अलीगढ़ नुमाइश का आगाज आज यानि शुक्रवार से होने जा रहा है। जहां गंगा-जमुनी तहज़ीब, लोककला, कृषि-उद्योग, शहर-गांव, परंपरा-आधुनिकता व विविधता-एकता एक साथ इस नुमाइश में देखने को मिलेंगे। कश्मीर से कन्याकुमारी तक के उत्पाद, व्यंजन भी दिखेंगे। 29 दिन तक चलने वाली इस नुमाइश में विविधता के कई रंग दिखेंगे। 13 फरवरी को नुमाइश का समापन होगा। 1880 में तत्कालीन कलेक्टर एचजी क्रॉफ्ट ने पशु नस्ल सुधार और घुड़सवारी को बढ़ावा देने के लिए इसे 'क्रॉफ्ट मेले' के रूप में शुरू किया था। आज यह क्राफ्ट मेला अलीगढ़ महोत्सव का रूप ले चुका है। एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खान ने इसे शिक्षा और समाज सुधार का जरिया बनाया था। उन्होंने शिक्षा कोष जुटाने के लिए यहाँ...