लखनऊ, अक्टूबर 30 -- इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में कहा कि बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम - 2009(आरटीई एक्ट) के तहत शुरुआती शिक्षा पूरी होने तक विद्यार्थियों को किसी कक्षा में रोकने या फेल करने पर प्रतिबंध का प्रावधान समेत पूरा आरटीई एक्ट, सभी प्राइवेट असहायता प्राप्त स्कूलों पर भी लागू होता है। कोर्ट ने दो बच्चों को खराब शैक्षणिक प्रदर्शन की बात कहकर कक्षा में रोकने के राजधानी के एक प्राइवेट स्कूल के निर्णय को आरटीई एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करार देकर उन्हें फिर से दाखिला देने समेत उनके री एग्जाम कराने का आदेश दिया।खराब प्रदर्शन के चलते स्कूल ने पिछली कक्षा में ही रोक लिया था न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह फैसला 11 और 14 साल के दो बच्चों की ओर से उनके पिता द्वारा दाखिल याचिका को...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.