लखीसराय, मार्च 5 -- कजरा, एक संवाददाता। हिंदू धर्म में हर तिथि और समय का अपना खास महत्व होता है। खासकर जब बात आती है सूर्य देव के राशि परिवर्तन की, जिसे हम संक्रांति कहते हैं। यह तिथि बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। आचार्य अशोक पांडेय ने बताया कि ज्योतिष के अनुसार सूर्य देव एक राशि में 30 दिनों तक विराजमान रहते हैं और उसके बाद दूसरी राशि में जाते हैं। जब सूर्य देव मीन और धनु राशि में होते हैं, तब खरमास लगता है। खरमास के दौरान कोई भी मांगलिक और शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार इस बार सूर्य देव 14 मार्च को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव के मीन राशि में गोचर करते ही खरमास लग जाएगा। इसके बाद सूर्य देव 14 अप्रैल को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। ऐसे में खरमास का समापन 14 अप्रैल 2025 को होगा।...
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