नई दिल्ली, अगस्त 1 -- दुनिया में ईसाई देशों की संख्या 10 साल के अंतराल में ही 124 से 120 पर आ गई है। फ्रांस, ब्रिटेन, उरुग्वे और ऑस्ट्रेलिया अब ईसाई बहुल देश नहीं रहे हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि इन देशों में बड़ी आबादी ने अपने जन्म से प्राप्त ईसाई धर्म को छोड़ दिया है और खुद को नास्तिक मानने लगे हैं। इन लोगों ने खुद को किसी भी धर्म से जुड़ा हुआ नहीं बताया है। ऐसे में ईसाई आबादी की संख्या इन देशों में 50 फीसदी से कम हो गई है। इससे पहले ही कई ऐसे देश हैं, जहां नास्तिकों या फिर किसी भी मजहब को ना मानने वाले लोगों की आबादी बहुसंख्यक है। इन देशों में दुनिया में दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश चीन भी शामिल है। इस तरह नए 4 देशों को मिलाकर दुनिया के कुल 13 बड़े देश हैं, जहां अब किसी धर्म को मानने वालों की बजाय नास्तिकों की आबादी सबसे अधिक है। इन...
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