गिरडीह, जनवरी 26 -- सियाटांड़,प्रतिनिधि। गांवों के विकास व गृहस्थ मजदूरों के रोजगार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मनरेगा योजना या वीबी जी राम जी योजना फ्लाप साबित होती जा रही है। इस एक मात्र योजना से जहां ग्रामीण गृहस्थियों को रोजगार के साथ गांवों के विकास के कार्य जैसे कुआं, तालाब, डोभा आदि कार्य किए जाते हैं वहीं अब इससे होने वाले सारे नए कार्य चार महीने से बंद हैं। इससे जहां गांवों का विकास कार्य ठप है, वहीं मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। बताते चलें कि मनरेगा के तहत चल रहे कुछ कार्यों को बरसात में 15 जुलाई से 15 अक्टूबर तक बंद कर दिया जाता है। बरसात खत्म होने के बाद 15 अक्टूबर से पुरानी व नई योजनाओं की शुरुआत हो जाती थी; परंतु इस वर्ष ऐसा नहीं हुआ। सिर्फ पुरानी योजनाओं में महज़ 10-15 प्रतिशत योजनाओं को चालू रखा गया है और नई योजना...