श्रीनगर।, जुलाई 11 -- जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर शहीद दिवस को लेकर बहस छिड़ गई है। नेशनल कांफ्रेंस (NC) ने गुरुवार को श्रीनगर जिला प्रशासन को सूचित किया कि पार्टी 13 जुलाई को शहीद दिवस के रूप में मनाएगी। पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और वरिष्ठ नेता रविवार सुबह 8 बजे श्रीनगर के पुराने शहर स्थित शहीदों की कब्रगाह पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। आपको बता दें कि 13 जुलाई 1931 को श्रीनगर जेल के बाहर डोगरा महाराजा हरि सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 22 नागरिकों की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना को जम्मू-कश्मीर के प्रथम जन-विद्रोह के रूप में देखा जाता है, जिसे लंबे समय तक नेशनल कॉन्फ्रेंस और कई अन्य दलों ने 'शहीद दिवस' के रूप में मनाया। हालांकि, जनवरी 2020 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के छह महीने बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मी...
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