अंकुर पाठक, सितम्बर 24 -- यूपी के सुलतानपुर के दोस्तपुर-कादीपुर मार्ग पर स्थित करीब 125 वर्ष पुराना रावण का पुतला दशहरा पर्व पर लोगों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाता है। सीमेंट से बनी यह विशाल प्रतिमा हर साल दशहरे पर प्रतीकात्मक रूप से दहन की जाती है, लेकिन यह पुतला जलता नहीं, बल्कि अगली रामलीला तक अडिग खड़ा रहता है। इस पुतले के पास कुम्भकर्ण की भी एक प्रतिमा विश्राम मुद्रा में स्थापित है। रामलीला समिति दोस्तपुर के संरक्षक और नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन मिथिलेश कुमार मिश्रा के अनुसार, इस पुतले का निर्माण करीब 125 साल पहले समिति के तत्कालीन पदाधिकारियों शंभू और शिवमंगल ने लोगों के सहयोग से कराया था। दशहरा से पहले हर साल रामलीला समिति द्वारा इस पुतले का रंग-रोगन किया जाता है और इसे अस्त्र-शस्त्रों से सजाया जाता है। विजयादशमी के दिन...
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