देहरादून, नवम्बर 28 -- जिस सड़क पर हाथी ने बालक पर हमला किया वह रिजर्व फॉरेस्ट के अंदर से जाती है। वहां हाथियों और अन्य जंगली जानवरों का खतरा हमेशा रहता है। लेकिन लोग शॉर्टकट के चक्कर में भारी जोखिम उठाकर जाने से नहीं कतराते। मृतक कुणाल के पिता कमल ने भी 12 किलोमीटर का सफर बचाने के चक्कर में खुद के साथ पत्नी और बेटे की जान जोखिम में डाल दी। बेटे को वह इस शॉर्टकट के चक्कर में गंवा बैठे। दरअसल रेहडखाला-कालूवाला कच्चे वन मोटर मार्ग भोपालपानी पुल से कालूवाला मंदिर के पास निकलता है। जो करीब तीन किलोमीटर का शार्टकट रास्ता है। वहीं ये दूरी मुख्य मार्ग से जाने पर करीब 15 किलोमीटर की है। यानी करीब 12 किलोमीटर की दूरी इस शार्टकट का रिस्क लेने से कम हो जाती है। यही सोचकर कमल ठाकुर स्कूटर से उस रास्ते निकले। रेंजर नत्थीलाल ने बताया कि वहां वन विभाग ल...