मुजफ्फर नगर, दिसम्बर 15 -- मुजफ्फरनगर राजस्व विभाग से बर्खास्त चर्चित लेखपाल जय भगवान अग्रवाल ने अफसरशाही एक अनसुना सच नामक पुस्तक प्रकाशित कर एक प्रेस कांफ्रेस में अफसरों व माफियाओं के बीच सांठगांठ एवं भ्रष्टाचार का चिट्ठा खोलने का दावा किया है। अफसरशाही पुस्तक में बकायदा क्यूआर कोड प्रदर्शित कर हरेक आरोपों का पुख्ता दस्तावेज होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में करीब 11 साल पहले जानसठ तहसील क्षेत्र के गंगा किनारे 77 गांवों की सरकारी भूमि पर पैदावार किए गन्ने की फसल पौने दो अरब रुपये में शुगर मिलों को बेचकर धनराशि को बंदरबांट कर लिया गया। सरकारी खजाने में फुटी कौड़ी तक नहीं पहुंचा। जय भगवान ने उप्र की योगी सरकार को पत्र भेजकर तत्कालीन डीएम, एडीएम, एसडीएम व तहसीलदार के खिलाफ जांच कराकर सरकारी खजाने में पौने दो अरब रुपये जमा कर...