प्रयागराज, जनवरी 10 -- 10 साल की शिवानी अपनो से बिछड़ने के बाद शुक्रवार सुबह माघ मेला स्थित भूले-भटके शिविर पहुंची। शिवानी शनिवार शाम तक भूले-भटके शिविर में रही, लेकिन उसके परिवार और घर का पता नहीं चल पाया। पूछने पर शिवानी ने बताया कि वह मौसी के साथ सामान बेचने के लिए दिल्ली से यहां आई। वह दिल्ली का कोई पता नहीं बता पाई। शिवानी बीती रात शिविर में रही। शिविर में ड्यूटी दे रही पुलिस ने दूसरे दिन शिवानी से बात की तो उसने अपनी मौसी का नाम सोनी देवी बताया। कई बार पूछा गया तो उसने माता का नाम रोशनी और पिता का नाम शिवशंकर बताया। शिवानी ने यह भी बताया कि उसका गांव प्रतापगढ़ में है, लेकिन मौसी के साथ दिल्ली में रहती है। शिविर संचालक उमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि शिवानी दिल्ली का पता नहीं बता पा रही है। पुलिस का कहना था कि शिवानी मानसिक रूप से विक्...