सीतामढ़ी, नवम्बर 16 -- पुपरी। कृषि विज्ञान केंद्र सीतामढ़ी के वैज्ञानिकों ने जिले के किसानों को गेहूं की खेती शुरू कर देने का सलाह दिया है। कृषि विज्ञान केंद्र के फसल वैज्ञानिक सच्चिदानंद प्रसाद ने बताया कि गेहूं की खेती विभिन्न प्रकार की मृदाओ में की जा सकती है। परन्तु दोमट मिट्टी इसकी खेती के लिए सर्वोतम होती है। सीतामढ़ी जिला में दोमट मिट्टी की भरमार है, इसलिए गेहूं का उत्पादन अच्छा होता है। कहा कि रेतीली बलुआही मिट्टी में पानी रोकने की क्षमता कम होती है। इसमें कार्बनिक जीवाश्म की मात्रा नहीं होती है। इसलिए बालू वाले खेती इसकी खेती के लिए अच्छी नहीं होती है। गेंहू की बुवाई के लिए सर्वोतम तपमान 21 से 25 डिग्री सेंटीग्रेट माना जाता है। गेहूं के फसल की बुआई का उचित समय 15 नवम्बर से कर सकते है। 15 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक लगाई जाने वाली प्र...