मुजफ्फर नगर, नवम्बर 18 -- स्वच्छ भारत मिशन को लेकर जनपद मुजफ्फरनगर ओडीएफ प्लस हो गया है, लेकिन फिर भी खुले में शौच से मुक्त नहीं हो पाया है। वर्ष 2014 से अब तक करीब 1.38 लाख व्यक्तिगत शौचालय बने है, लेकिन अधिकांश लोग शौचालय का प्रयोग न कर खुले में शौच के लिए जा रहे है। उधर कुछ शौचालय में उपले आदि सामान भरा हुआ है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में करीब 480 सामुदायिक शौचालय बने हुए है, लेकिन अधिकांश पर अव्यवस्था का ताला लगा हुआ है। एसबीएम के तहत जनपद में करीब 1 लाख 38 हजार व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए है। वर्तमान में शासन स्तर से 2466 व्यक्तिगत शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें सापेक्ष करीब 2118 आवेदन आ चुके हैं। जिनकी जांच चल रही है। अभी तक की जांच में करीब 1300 आवेदन सहीं पाए गए हैं। जिन्हें शौचालय बनाने के लिए छह हजार की प्रथम किश...