नई दिल्ली, जनवरी 6 -- उत्तराखंड हाई कोर्ट ने 13 साल से जेल में बंद एक कैदी को रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि क्राइम के समय दोषी नाबालिग था। मामले में जस्टिस रविंद्र मैथानी और आशीष नैथानी की बेंच ने पाया कि अपराध के समय दोषी नाबालिग था, जिसके कारण उसे दी गई आजीवन कारावास की सजा कानूनी रूप से मान्य नहीं रह गई है। दरअसल साल 2003 में सेशन कोर्ट ने कैदी को रुड़की में मर्डर और चोरी के आरोप में दोषी करार दिया था। इसके बाद साल 2013 में हाई कोर्ट की एक बेंच और फिर बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी आरोपों को सही माना था।लिखी थी एप्लीकेशन साल 2021 में, दोषी ने जेल से एक एप्लीकेशन लिखी जिसमें दावा किया कि घटना की तारीख, 24 जून, 2003 को वह नाबालिग था। इस दावे की पुष्टि करने के लिए, कोर्ट ने रजिस्ट्रार (न्यायिक) को विस्तृत जांच के निर्देश दिए।...